Sunday, 16 December 2012

दौलत शोहरत क्या करनी ...........

दौलत  शोहरत क्या करनी
 तेरे प्यार का सहारा काफी है।
 मुझे महल अटारी क्या करना
 तेरे दिल में गुजारा काफी है।

मेरे सनम मुझे तेरी कसम
मेरी जान भी तू इमान भी तू ,
तेरे दम से है  मेरा दम
जान भी तू अनजान भी तू !
मुझे पैसा वैसा क्या करना मुझे
तेरा नज़ारा  काफी है।

प्यार मोहब्बत से दुनिया
इससे बढ़ कुछ होता भी नहीं ,
दौलत जाए तो जाए कोई,
प्यार बिना रोज़ा भी नहीं।
मुझे ऐशो मशर्रत नहीं चाहिए 
मुझे ऐशो मशर्रत नहीं चाहिए
मुझे तेरा सहारा काफी है,
दौलत  शोहरत क्या करनी............


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