कहते है कि ज़िन्दगी एक सफ़र की तरह है पर ज़िन्दगी में आनेवाली घटनओं को देखकर क्या आपको लगता है की सच में ज़िन्दगी एक सुहाने सफ़र की तरह है इस ज़िन्दगी में इतने मोड़ है की लगने लगता की यह एक सफ़र ना होकर एक भूलभुलैया है। इस बात से परेशान होकर मैंने ये ब्लॉग बनाया जिसके जरिये मै ये जानने की कोशिश कर रहा हूँ की क्या सच में "ज़िन्दगी एक सफर है सुहाना ...?"
Wednesday, 23 October 2013
Tuesday, 22 October 2013
Wednesday, 17 April 2013
ज़िन्दगी की कशमकश ........
ज़िन्दगी की कशमकश में कुछ इस कदर खोया की खुद को ही भूल गया .......
रहते बाकी पन्नों में बस उसी के निशाँ है ,
को पार कर के पहुंचा हूँ जिस साहिल पर बिना माझी के ,
उस मंजिल का दीदार अभी बाक़ी है
रहते बाकी पन्नों में बस उसी के निशाँ है ,
को पार कर के पहुंचा हूँ जिस साहिल पर बिना माझी के ,
उस मंजिल का दीदार अभी बाक़ी है
Friday, 21 December 2012
कुछ समझ आता नहीं
अब क्या लिखूं कुछ नहीं समझ आता है
उसके दर्द के आगे अपना हाल बयान कर पाना मुश्किल है
उसकी आवाज की आहट में छुपा है दर्द इतना की उसे समझ पाना मुश्किल है
क्यूँ हम बेबस है हालत के आगे कुछ दिखा पाना मुश्किल है ............
अभी कुछ बाक़ी है ........
इक दर्द की दास्तान अभी बाकी है ,
कुछ राज अभी दिल में छुपाना अभी बाकी है ।
वैसे हर रोज मिलती है वो सपनों में ,
पर उसका सामने आना अभी बाकी है ।
हर वक्त उसकी यादो को दिल में सजाना बाकी है ,
ज़िन्दगी में उसका आकर चले जाना अभी बाकी है ।
वो उसका शरमा कर चला जाना याद है मुझे ,
अभी उसका बिना कुछ कहे वापस जाना बाकी है ।
वैसे तो हर चीज ले गयी संग अपने पर,
मेरे हथेली पर उसके हाथो के निशाँ बाक़ी है ।
Sunday, 16 December 2012
दौलत शोहरत क्या करनी ...........
दौलत शोहरत क्या करनी
तेरे प्यार का सहारा काफी है।
मुझे महल अटारी क्या करना
तेरे दिल में गुजारा काफी है।
मेरे सनम मुझे तेरी कसम
मेरी जान भी तू इमान भी तू ,
तेरे दम से है मेरा दम
जान भी तू अनजान भी तू !
मुझे पैसा वैसा क्या करना मुझे
तेरा नज़ारा काफी है।
प्यार मोहब्बत से दुनिया
इससे बढ़ कुछ होता भी नहीं ,
दौलत जाए तो जाए कोई,
प्यार बिना रोज़ा भी नहीं।
मुझे ऐशो मशर्रत नहीं चाहिए
मुझे ऐशो मशर्रत नहीं चाहिए
मुझे तेरा सहारा काफी है,
दौलत शोहरत क्या करनी............
तेरे प्यार का सहारा काफी है।
मुझे महल अटारी क्या करना
तेरे दिल में गुजारा काफी है।
मेरे सनम मुझे तेरी कसम
मेरी जान भी तू इमान भी तू ,
तेरे दम से है मेरा दम
जान भी तू अनजान भी तू !
मुझे पैसा वैसा क्या करना मुझे
तेरा नज़ारा काफी है।
प्यार मोहब्बत से दुनिया
इससे बढ़ कुछ होता भी नहीं ,
दौलत जाए तो जाए कोई,
प्यार बिना रोज़ा भी नहीं।
मुझे ऐशो मशर्रत नहीं चाहिए
मुझे ऐशो मशर्रत नहीं चाहिए
मुझे तेरा सहारा काफी है,
दौलत शोहरत क्या करनी............
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